October 30, 2020

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कंप्यूटर का वर्गीकरण (Classifications of Computer)

कंप्यूटर का वर्गीकरण (Classifications of Computer)

समय के साथ कंप्यूटर में बहुत सारे बदलाव हुए है ,जिसका प्रमुख कारण उनका प्रयोग तथा समय के साथ बदलती तकनीकी रही है अब हम जानेगे की कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है |

कंप्यूटर को मुख्यतः तीन भागो में बाँट सकते है |

  • आकार के आधार पर
  • कार्य सिद्धांत के आधार पर
  • उद्धेश्य के आधार पर

 आकार के आधार पर :

आकार या साइज़ के आधार पर कंप्यूटर को चार भागों में बांटा गया है |

1.      माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer)

ये कंप्यूटर आकार में सबसे छोटे व गति में सामान्य होते है, इनका प्रयोग पर्सनल यूज़ के लिए होता है | ये कंप्यूटर साधारणतया घरो, विधालयो, सामान्य ऑफिस के कार्यो में प्रयोग में लिया जाता है |

ये निम्न है |

  • डेस्कटॉप कंप्यूटर (Desktop Computer) ब) लेपटोप (Laptop)  स) पामटॉप (Palmtop )

2.      मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)

ये कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में आकर में बड़े व गति में तेज होते है | तथा इसमें एक से जायदा प्रोसेसर (Multiprocessor) होते है, इनका प्रयोग छोटी आर्गेनाइजेशन(Organization) या ऑफिस में किया जाता है | प्रमुख मिनी कंप्यूटर निम्न है

IBMAS/400/B60, VAX 8842, WIPROS 68030 etc.

3.      मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer)

ये कंप्यूटर माइक्रो और मिनी कंप्यूटर की तुलना में थोड़े बड़े और स्पीड में फ़ास्ट होते है, क्योकि की इसमें प्रोसेसरो की संख्या जायदा होती है | इनका प्रयोग उन स्थानों पर होता है जहा पर डाटा को बड़ी मात्रा में प्रोसेस किया जाता है , इनका प्रयोग बड़े आर्गेनाइजेशन जैसे बैंक , एयरलाइन्स , रेलवे, सरकारी संघटन आदि द्वारा किया जाता है |

कुछ मेनफ्रेम कंप्यूटर निम्न है : IBM 38 Series, IBM 9000 Series, HP 9000 series 8705/400 or 300 etc.

4.      सुपर कंप्यूटर  (Super Computer)

ये दुनिया के सबसे बड़े, शक्तिशाली , और फ़ास्ट कंप्यूटर होते है, इन कंप्यूटर की स्पीड को FLOPS ( Floating – point operations per second) मापा जाता है| इनका प्रयोग मौसम की भविष्यवाणी में (weather forecasting) , रॉकेट की लॉन्च में, एटॉमिक और nuclear launch or laboratory आदि में |

Seymour Cary . यह दुनिया का पहला सुपर कंप्यूटर है | जो CDC(Control Data Corporation) USA द्वारा सन 1960 में बनाया | 1980 में भारत के मौसम विभाग के द्वारा ख़रीदा गया |

भारत ने अपना पहला सुपर कंप्यूटर सन 1991 में परम(PARAM)8000 बनाया | उसके बाद भारत में निम्न सुपर कंप्यूटर बने PARAM 8600 ,PARAM 9900/ss, PARAM 1000,PARAMPADMA, PARAMYUVA II,

PARAM YUVA-II इसे 8 Feb 2013 को C-DAC (Centre for Development Of Advanced Computing ) ने डिजाईन किया था| इसकी स्पीड 524 TeraFlop/s है | अन्य सुपर कंप्यूटर :

EKA – टाटा कंपनी द्वारा बनाया गया सुपर कंप्यूटर

SAGA-220  ISRO बेंगलोर द्वारा बनाया गया सुपर कंप्यूटर

VIKRAM -100 भास्करा आदित्य – इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ ट्रॉपिकल मीटरोलॉजी ,पुणे (Climate Research)

Anupam- भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (मुम्बई) द्वारा बनाया गया सुपर कंप्यूटर

कार्य सिद्धांत के आधार पर :

कंप्यूटर को डाटा के आधार पर वर्गीक्रत किया जा सकता है , इन्हें निम्न भागों में बाटा जा सकता है |

1.      एनालॉग कंप्यूटर:

यह कंप्यूटर भौतिक राशियों के रूप में डाटा को इनपुट के रूप में लेता है ,जैसे : ताप ,दाब, आदि  

2.      डिजिटल कंप्यूटर:

  यह कंप्यूटर डिजिटल रूप में इनपुट में लेता है| इसमें मशीनी भाषा का प्रयोग होता है| जेसे 0 और 1 

3.      हाइब्रिड कंप्यूटर:

इस प्रकार के कंप्यूटर में एनालॉग और डिजिटल दोनों के गुण होते है

उद्धेश्य के आधार पर

उद्धेश्य के आधार पर कंप्यूटर की दो भागों में बाँटा जा सकता है

4.      सामान्य उद्धेश्य हेतु

सामान्य उपयोग के लिए प्रयोग में लिए जाने वाले कंप्यूटर जैसे माइक्रो कंप्यूटर |

5.      विशेष उद्धेश्य हेतु

किसी विशेष कार्य के लिए बनाये जाने वाले कंप्यूटर जैसे : माइक्रो ,मिनी और सुपर कंप्यूटर