October 31, 2020

WAY OF SKY

REACH YOUR DREAM HEIGHT

अंकगणित की परिभाषा |Definition of Arithmetic|

अंकगणित क्या अर्थ है ? अंकगणित की परिभाषा क्या है ?

अंकगणित  गणित की सबसे प्राथमिक और पुरानी शाखा है, इसमें अंको और संख्याओ की मुलभुत गणनाओ का ज्ञान होता है | अंकगणित के अंतर्गत जोड़, घटाव, गुणा, भाग, भिन्न व दशमलव आदि प्रक्रिया आती है |

अंक गणित में हम संख्याओ की मूल गणनाओ का अध्यन करेंगे ये मूल गणनाऐ निम्न है

जोड़ (Addition):-

दो या दो से अधिक संख्याओ का योग ज्ञात करने की विधि को जोड़ कहते है | जोड़ को (+) चिन्ह से प्रदर्शित करते है |

उदाहरण : 1 )  2 + 4 = 6 ,    2 ) 3 + 9 = 12     3 )  15 + 12 = 27

घटाव(Subtraction) :-

 किसी एक संख्या को दूसरी संख्या में से कम किया जाता है तो उसे घटाव कहते है | घटाव को (-) चिन्ह से प्रदर्शित करते है |

उदाहरण : 1 )  5 – 2 = 3 , 2 ) 15 – 7 = 8  3 ) 80 – 30 = 50

गुणा (Multiplication):

यदि एक सी अनेक संख्याओ को जोड़ना पड़े तो उनको जोड़ने की सरल विधि को गुणा कहते है | इसे (X) चिन्ह से प्रदर्शित करते है | जैसे : 3 X  2 = 3 + 3 = 6 |  

जिस संख्या को गुणा करते है इसे गुण्य (Multiplicand) और जिस संख्या से गुणा करना              होता है उसे गुणक (Multiplier) कहते है , तथा गुणा करने के बाद जो हल प्राप्त होता है उसे गुणनफल (Product) कहते है | जैसे हमें 3 को 2 से गुणा किया था तो हल के रूप में हमें 6 मिला था | तो यहा 3 गुण्य , 2 गुणक और 6 गुणनफल है |

  [ गुण्य X गुणक = गुणनफल ]

(गुणनखंड = जिन संख्याओ को गुणा करने से गुणनफल प्राप्त होता है इन संख्याओ को गुणनफल के गुणनखंड (Factor) कहा जाता है , जैसे 3 और 2 , 6 के गुणनखंड है | )

भाग(Division) :-  

भाग में ये देखा जाता है की किसी संख्या में कोई दूसरी संख्या कितनी बार सम्मिलित है, ये ज्ञात करने की विधि ही भाग कहलाती है | भाग को ( ÷ ) चिन्ह से प्रदर्शित किया जाता है |

जैसे :  15 ÷ 4  इसका मतलब होता है  15 को 4 मे भाग दो ।

 जिस संख्या को भाग करना होता है उसे भाज्य , जिस संख्या से भाग दिया जाता है उस भाजक , तथा भाग देनें के पश्चात मिले हल या उत्तर को भागफल, और भागफल के बाद बचने वाली संख्या को शेष या शेषफल कहते है |

“ भाग (Division) हमेशा गुणा का विपरीत होता है अर्थात जिन संख्याओ को हम ने भाग दिया है उन्हें वापस गुणा कर के पुन : वह संख्या प्राप्त कार सकते है |” इसे आप इस सूत्र से समझ सकते है |

( भाज्य = भाजक X  भागफल + शेषफल )

भिन्न(Fraction) :  

वह संख्या जो किसी पूर्ण संख्या से कम हो परन्तु उससे पीछे वाली पूरण संख्या से अधिक हो , भिन्न कहलाती है |

भिन्न मुख्यतः दो प्रकार की होती है |

साधारणभिन्न (Common or Vulgar Fraction) :

यदि किसी भिन्न का हर 10 या 10 के किसी भी घात को छोड़ कर कुछ भी हो तो वह साधारण भिन्न कहलाती है |

जैसे : 5/4 ,8/6 , 15/55  आदि साधारण भिन्न है

(भिन्न में उपर वाली संख्या को अंश (Numerator) निचे वाली संख्या को हर ( Denominator) कहते है जैसे 3/2 में 2 अंश है और 3 हर है )

दशमलवभिन्न (Decimal Fraction) :

यदि किसी भिन्न का हर 10 या 10 की कोई घात हो तो वो भिन्न उसकी दशमलव भिन्न कहलाएगी | जैसे : 5/10 , 78/100 |